introduction of transformations in Computer Graphics in hindi, कम्प्यूटर ग्राफ़िक्स ट्रांसफॉर्मेशन हिंदी में

introduction of transformations in hindi
introduction of transformations in Computer Graphics in hindi, कम्प्यूटर ग्राफ़िक्स ट्रांसफॉर्मेशन हिंदी में

Transformation का परिचय

Output primitives और उनके attributes को प्रदर्शित करने की प्रक्रियाओं के साथ, हम विभिन्न चित्र और ग्राफ़ बना सकते हैं। कई अनुप्रयोगों में, डिस्प्ले को बदलने या हेरफेर करने की भी आवश्यकता होती है। Design applications और facility layouts , scene के component parts के झुकाव (orientations) और आकार को व्यवस्थित करके बनाए जाते हैं। और एनिमेशन "camera" या वस्तुओं को एनीमेशन पथों के साथ एक scene में ले जाकर निर्मित किया जाता है। orientation, size, और shape में परिवर्तन ज्यामितीय परिवर्तनों(geometric transformations) के साथ पूरा किया जाता है जो वस्तुओं के coordinate descriptions को बदलते हैं। बेसिक ज्यामितीय transformations translation, rotation, and scaling हैं। अन्य transformations जो अक्सर वस्तुओं पर लागू होते हैं, उनमें प्रतिबिंब और shear शामिल हैं। हम पहले ज्यामितीय transformations के प्रदर्शन के तरीकों पर चर्चा करते हैं और फिर विचार करते हैं कि ग्राफिक्स पैकेज में transformation function को कैसे शामिल किया जा सकता है।

यहां, हम पहले two-dimensional objects के reposition और resize के लिए translation, rotation, और scaling मापदंडों को लागू करने के लिए सामान्य प्रक्रियाओं पर चर्चा करेंगे । फिर, हम विचार करेगे कि कैसे transformation equations को एक अधिक सुविधाजनक मैट्रिक्स सूत्रीकरण में व्यक्त किया जा सकता है जो ऑब्जेक्ट transformations के efficient combination की अनुमति देता है।

कंप्यूटर ग्राफिक्स विभिन्न एंगल्स से ऑब्जेक्ट को देखने की सुविधा प्रदान करता है हैं आर्किटेक्ट विभिन्न एंगल्स से इमारत का अध्ययन कर सकता है अर्थात:

  1. Front Evaluation
  2. Side elevation
  3. Top plan

एक Cartographer चार्ट और टोपोग्राफिकल मानचित्रों के आकार को बदल सकता है इसलिए यदि ग्राफिक्स इमेजेस को संख्याओं के रूप में कोडित किया जाता है तो संख्याओं को मेमोरी में संग्रहित किया जा सकता है इन नंबरों को गणितीय ऑपरेशंस द्वारा संशोधित किया जाता है जिन्हें पर Transformation कहा जाता है

ड्राइंग के लिए कंप्यूटर का उपयोग करने का उद्देश्य यूजर को विभिन्न एंगल्स से वस्तु को देखने की सुविधा प्रदान करना है और Transformation के रूप में ऑब्जेक्ट के स्केल या शेप को बड़ा या छोटा करना है

  • Transformation के दो आवश्यक पहलू निम्नलिखित है
  • प्रत्येक Transformation एक सिंगल entity है इसे एक यूनिक नेम या सिंबल द्वारा दर्शाया जा सकता है
  • दो ट्रांसफॉरमेशंस को कंबाइन करना पॉसिबल है कनेक्ट करने के बाद एक सिंगल Transformation प्राप्त किया जा है उदाहरण के लिए A ट्रांसलेशन के लिए Transformation है B Transformation स्केलिंग करता है इन दोनों का संयोजन C=AB है तो C concatenation property द्वारा प्राप्त किया जाता है

ऑब्जेक्ट Transformation का वर्णन करने के लिए दो पूरक के बिंदु हैं:

  1. Geometric Transformation: ऑब्जेक्ट स्वयं कोऑर्डिनेट सिस्टम या बैकग्राउंड के सापेक्ष ट्रांसफार्मर हो जाती है इस दृष्टिकोण के मैथमेटिकल स्टेटमेंट को ऑब्जेक्ट के प्रत्येक बिंदु पर लागू ज्योमैट्रिक Transformation द्वारा परिभाषित किया गया है
  2. Co-ordinate Transformation: वस्तु को स्थिर रखा जाता है जबकि कोऑर्डिनेट सिस्टम वस्तु के सापेक्ष ट्रांसफार्मर होती है यह प्रभाव Co-ordinate Transformation के एप्लीकेशन के माध्यम से प्राप्त होती है

उदाहरण जो इन दोनों viewpoints में अंतर करने में मदद करेगा :

बैकग्राउंड को फिक्स रखते हुए ऑटोमोबाइल को move करना (Geometric Transformation)

हम कार को फिक्स रखेंगे और जबकि बैकग्राउंड दृश्यों को move करेंगे (Co-ordinate Transformation)

    Transformations के प्रकार :-
  1. Translation
  2. Scaling
  3. Rotating
  4. Reflection
  5. Shearing

Translation,Scaling,Rotation को basic transformations भी कहा जाता है

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