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 इंडिया ने UAE  को Reciprocating territory declare किया है | 



इस पोस्ट में हम आज विस्तार से यह Reciprocating territory क्या होता है के बारे में विस्तार से जानेंगे|

यूएई को कई बार खाड़ी देश  भी कहा जाता है| क्योंकि यह फारस की खाड़ी के किनारे स्थित है | Gulf of Oman और Persian Gulf   को जोड़ता हुआ Strait of Hormuz बहुत ही Strategic location है |  जहां दुनिया का 1/4   तेल पास होता है , तथा यहीं पर स्थित है United Arab Emirates | यह एक ऐसा देश है जो 1971 तक ब्रिटिश कंट्रोल में था ,जिस प्रकार भारत में 1947 तक ब्रिटिश कंट्रोल  था| तब तक इस एरिया में अलग अलग  किंगडम थे |  जिन्हें Emirates कहां जाता है | 1971 में यह सभी एमिरेट्स एक हो गए तथा इन्होंने मिलकर बनाया यूनाइटेड अरब एमिरेट्स | आज भी यूनाइटेड अरब अमीरात में सात अलग-अलग पुराने  किंगडम है सभी के अलग-अलग रूलर हैं| तथा वह बारी बारी से लीडरशिप  की भूमिका निभाते हैं|
यूएई में सबसे ज्यादा दो फेमस शहर हैं जिनके नाम हैं दुबई और  आबू धाबी |
लेकिन ध्यान देने वाली बात है कैपिटल आबू धाबी है |
यूएई दो समुद्र को छूता है | जोकि है  Persian Gulf  और  Gulf of Oman |

UAE  7 States से मिलकर बना है  जोकि है:

  1. Dubai
  2.  Sharjah
  3.  Al Fujayrah
  4.  Quwayn
  5.  Abu Dhabi
  6.  Ajman
  7. Ras al-Khaimah


एरिया सबसे ज्यादा आबू धाबी का है |  लेकिन ज्यादातर इलाका रेगिस्तानी है |
2013 के आंकड़ों के अनुसार   यूएई  की जनसंख्या है :  9.2 मिलियन  जिनमें से मात्र  1.4 मिलीयन Emirati citizens  है ,  बाकी सभी से 1.8 मिलियन Expatriates है| लेकिन इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि 2.5 मिलियन Migrants  Indian origin (भारतीय मूल)  के हैं|  तथा  इंडिया  के Remittances  का सबसे बड़ा स्रोत UAE है , जहां से 2018 में भारत   को लगभग 14 बिलियन  USD  रिमीटेंसेस   प्राप्त हुआ था| जो कि अमेरिका से भी ज्यादा है|

Ministry of law and Justice ने  17 जनवरी 2020 को Extraordinary gadget notification जारी किया |  इस Notification  के अनुसार:
यूएई Code of civil procedure 1908(CPC)  की संहिता की धारा 44 ए के उद्देश्य के लिए एक Reciprocating territory  है
Reciprocating territory का अर्थ है : कुछ ऐसे देश या एरिया  जहां के कोर्ट  जो आर्डर देंगे उसे भारत में लागू किया जा सकता है , लेकिन ऐसा नहीं है कि यह सभी अदालतों के लिए मान्य होगा कुछ Designated  Courts ही है जिन्हें Superior Courts  कहा जाता है  को ही  अनुमति होगी जहां से आया हुआ केस भारत के डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में Inforce  किया जा सकता है| जिसके अंतर्गत  civil, commercial साथ ही साथ   divorce cases  का क्रियान्वयन किया जा सकता है |

यह अधिसूचना यूएई और भारत के बीच नागरिक और वाणिज्यिक मामलों में सहयोग से संबंधित 1999 के समझौते का Only remaining part था

CPC  का Section 44 :
Section 44A के तहत अगर सरकार चाहे तो किसी देश को रिसिप्रोकेटिंग टेरिटरी घोषित कर सकता है
तथा  Reciprocating territory घोषित किए गए देश के   Superior Court  के किसी आदेश को भारत में Execute किया जा सकता है|  जहां संबंधित आदेश को भारत के डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में भारत के नियम के तहत पालन होगा|

Gazette Notification के अनुसार औरनिम्नलिखित यूएई कोर्ट की पहचान की गई है:
 जिन्हें Superior  Courts का दर्जा दिया गया है :
Federal court supreme court
federal court in the Emirates of Abu Dhabi, Sharjah, Ajman , Umm Al Quwain और Fujairah
Local Court Abu Dhabi और Dubai Court


इससे पहले भारत के अन्य Reciprocating territories देश थे :


  • United Kingdom
  •  Singapore
  •  Bangladesh
  •  Malaysia
  •  Trinidad and  Tobago
  •  New Zealand
  •  cook Islands
  •  trust territories of Western
  •   Samoa
  •  Hong Kong
  •  Papua New Guinea
  •  Fiji 


Financial year 2018-19 , में   India UAE bilateral trade 20% बड़ा है| जिससे कि भारत यूएई का व्यापार बढ़कर 59.9 बिलियन यूएस डॉलर हो गया है|  यूएई भारत का तीसरा सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है|  चाइना पहले नंबर पर है तथा अमेरिका दूसरे नंबर पर

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